
हम सब साथ आयें, अपना परिवार बचायें
आप जानते हैं कि -
◙ आपके परिवार की इज्जत, सुरक्षा, रोज़गार और भविष्य पर एक गहरा संकट मंडरा रहा है।
◙ युद्ध ने यूक्रेन जैसे खूबसूरत और खुशहाल देश को खंडहर बना दिया. भारत के खिलाफ भी युद्ध छेड़ा गया तो क्या हमारे घर परिवार सुरक्षित रह पाएंगे।
◙ क्या आप जानते हैं कि बेरोजगारी मशीनों के कारण बढ़ रही है? अनपढ़ लोगों का काम ट्रैक्टर, जेसीबी और बुलडोजर ने छीन लिया। अब पढ़े-लिखे लोगों का काम कंप्यूटर और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) नाम की मशीनें छीन रही हैं। किसानों और मजदूरों का काम मशीनें छीन रही हैं, लेकिन मशीनों की मेहनत से जो पैसा पैदा हो रहा है, वह देश के 3% अमीर लोग अपने पैसे के चुंबक से खींच रहे हैं।
◙ व्यभिचार(अवैध यौन संबंध) को गलत बताने वाला कानून खत्म कर दिया गया है।
◙ आने वाले दिनों में बेरोजगारी और गरीबी का फंदा आपके गले तक पहुंचने वाला है।
◙ युद्ध की आग एक दिन आपके परिवार तक पहुँचने वाली है
◙ आपके पड़ोसी का परिवार बेरोजगारी और व्यभिचार की आग में जल रहा है, तो कल यह आग आपके परिवार को भी पकड़ने वाली है।
◙ आने वाले कुछ वर्षों में परिवार की इज्जत, सुरक्षा, रोज़गार और भविष्य खतरे में पड़ने वाला है।
1. सरकारी नौकरी पाने के अधिकार को मूल अधिकार बनाया जाए, जिससे कोई भी व्यक्ति अदालत में मुकदमा दायर कर सरकारी नौकरी प्राप्त कर सके। जब तक सरकार नौकरी न दे, तब तक हर महीने 11,900 रुपये दे। यह प्राकृतिक संसाधनों और मशीनों के परिश्रम से पैदा हो रहे राष्ट्रीय धन में अपना हिस्सा और लोकतांत्रिक लाभांश है। इसे वोटरशिप अधिकार कहा जाता है। इसके लिए संसद की गोयल समिति की सिफारिशें लागू की जाएं। सरकारी कर्मचारियों के काम करने के घंटे और वेतन आधा किया जाए, जिससे बाकी आधा काम करने के लिए सरकारी कर्मचारियों की नई भर्ती की जाए। इससे बिना एक पैसा खर्च किये लगभग 2 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी मिल जाएगी।2. भारत को युद्ध और विनाश से बचाने के लिए ‘वैश्विक भागीदारी और शांति मंत्रालय’ बनाया जाए।
3. यूरोपियन यूनियन की तरह दक्षिण एशियाई देशों का यूनियन बनाने के लिए सरकार एक मंत्रालय बनाए और सार्क (SAARC) को पुनर्जीवित करे।
4. 'आर्थिक उत्तराधिकार सीमांकन कानून, (Economic Inheritance Ceiling Act) बनाया जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति को 100 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति उत्तराधिकार में न मिले। जिससे जलचक्र की तरह धन चक्र का संतुलन स्थापित हो सके।
5. किसानों की फसलों के लिए "न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)" देने की कानूनी गारंटी दी जाए।
6. 'राजनीतिक उत्तराधिकार समाप्ति कानून' (Political Inheritance Elimination Act) बनाया जाए।
7. विवाह पूर्व और दाम्पत्य जीवन से बाहर शारीरिक संबंधों और विवाह से पहले संतानोत्पत्ति को अपराध घोषित करने के लिए कानून बनाया जाए। जिससे परिवारों की एकता, मर्यादा और सभ्यता-संस्कृति को सुरक्षित रखा जा सके।
8. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एससी-एसटी आरक्षण में भी ओबीसी की तरह क्रीमी लेयर लागू किया जाए। क्योंकि एससी-एसटी के आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 97% परिवारों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सरकारी नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। धनवान एसी-एसटी द्वारा क्रीमी लेयर का विरोध देखते हुए जरूरी है कि प्रथम श्रेणी की नौकरियों को छोड़कर, बाकी सभी में क्रीमी लेयर लागू करने के लिए कानून बनाया जाये, जहां पद खाली नहीं रहते।
9. राजनीतिक बेरोजगारी दूर करने के लिए "वर्करशिप एक्ट" (Workership Act) बनाया जाए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर निम्न और मध्यम वर्गों को आर्थिक न्याय देने के लिए कार्यरत राजनीतिक दलों में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को सांसदों-विधायकों की तरह सरकारी खजाने से वेतन मिले।
10. सरकार लोकतत्र विरोधी चुनाव प्रणाली समाप्त करे और देश के लोगों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की और विश्व स्तर की सरकारों को चुनने के लिए वोट का अधिकार और अन्य वैश्विक अधिकार देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि करे।
11. सांसदों और विधायकों के पदों पर गरीबी रेखा के नीचे के; यानी BPL परिवारों को 25%, गरीबी रेखा के ऊपर के यानी APL परिवारों को 72% आरक्षण दे। सरकार अमीरी रेखा बनाए तथा जब तक अमीरी रेखा नहीं बनती, तब तक आयकर देने वाले समाज का प्रतिनिधित्व 3% तक सीमित किया जाए। जिससे गरीब और मध्यवर्गीय लोग भी सांसद-विधायक बन सकें और संसद और विधान सभाओं में 97% समाज का भी प्रतिनिधित्व हो सके।
12. सांसदों का प्रधानमंत्री चुनने का अधिकार समाप्त कर यह अधिकार लगभग 6 लाख से अधिक ग्राम प्रधानों और सभासदों को दे दिया जाए। विधायकों का मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार समाप्त कर यह अधिकार प्रदेश के सभी जिला पंचायत और नगरपालिका के सदस्यों को दे दिया जाए।
13. शिक्षा और स्वास्थ्य को निजी क्षेत्र से पूरी तरह बाहर किया जाये। सरकारी कर्मचारियों के निकम्मेपन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार व्यवस्थागत सुधार करे।
14. आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए आटा, चावल, दाल, सब्जी पर से जीएसटी कर हटाया जाए तथा निजी वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए। (आंशिक रूप से सरकार ने मान लिया है)
15. शिक्षकों और स्नातकों की तरह अधिवक्ताओं को भी एमएलसी बनने का अधिकार मिले और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाये।
मीडिया (टीवी चैनल और अखबार) इन मुद्दों को जनता तक नहीं पहुंचा रहे हैं। लेकिन इस खतरे से बचने के लिए सबको मिलकर लड़ना होगा। इसीलिए कुछ समझदार और जिम्मेदार लोग अपना घर-परिवार का सुख त्यागकर घर-घर, गांव-गांव, शहर, तहसील और जिलों में जाकर पुनर्जागरण करने के लिए निकले हैं। इस 100 दिनों की पुनर्जागरण यात्रा में 15 सूत्रीय मांगों के लिए जन समर्थन और जन सहयोग मांगा जा रहा है। इसलिए हमारी यात्रा में साथ आयें और सहयोगी बने।
1. सरकारी रोजगार अधिकार मोर्चा-
2. ग्लोबल पीस मोर्चा-
3. साउथ एशियन यूनियन मोर्चा-
4. आर्थिक उत्तराधिकार सीमांकन मोर्चा-
5. राजनीतिक उत्तराधिकार उन्मूलन मोर्चा-
6. न्यूनतम समर्थन मूल्य मोर्चा-
7. व्यभिचार उन्मूलन मोर्चा-
8. SC/ST किसान मजदूर मोर्चा
9. सर्वदलीय कार्यकर्ता यूनियन संघ
10. अंतर्राष्ट्रीय मताधिकार संघर्ष मोर्चा
11. APL/BPL आरक्षण संघर्ष मोर्चा
12. प्रधानमंत्री निर्वाचन पुनर्विचार मोर्चा
13. मुख्यमंत्री निर्वाचन पुनर्विचार मोर्चा
14. स्वास्थ्य सेवाएं राष्ट्रीयकरण मोर्चा
15. शिक्षा सेवाएं राष्ट्रीयकरण मोर्चा
16. GST उत्पीड़न विरोधी मोर्चा
17. टोल टैक्स उत्पीड़न विरोधी मोर्चा
भागीदारी और शांति के लिए वैश्विक समझौता (गैप),
विश्व परिवर्तन मिशन की एक इकाई
https://gapp.mgc.world
